देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को अब हर महीने दुकान पर जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने फैसला लिया है कि अब तीन महीने का पूरा राशन एक साथ दिया जाएगा। यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो हर महीने लंबी कतारों में खड़े होकर अपना अनाज लेने जाते थे।
तीन महीने की पूरी मात्रा एक बार में
नई व्यवस्था के अनुसार अब गेहूं, चावल, चीनी और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री तीन महीने की पूरी मात्रा में एक साथ उपलब्ध कराई जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि लाभार्थियों को साल में केवल चार बार ही राशन दुकान पर जाना पड़ेगा। इससे समय की बचत होगी और बार-बार आने-जाने की परेशानी भी कम होगी। खासकर दिहाड़ी मजदूर, बुजुर्ग और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस सुविधा से सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
वरिष्ठ नागरिकों को विशेष राहत
60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले राशन कार्ड धारकों के लिए यह बदलाव और भी फायदेमंद है। कई बुजुर्गों के लिए हर महीने दुकान तक जाना आसान नहीं होता। अब वे तीन महीने का राशन एक बार में प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें बार-बार यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यह कदम वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
पारदर्शिता के लिए डिजिटल और बायोमेट्रिक व्यवस्था
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राशन वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा। बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राशन केवल असली लाभार्थियों को ही मिले। डिजिटल रिकॉर्ड रखने से यह ट्रैक करना आसान होगा कि किस परिवार को कितना राशन दिया गया है। इससे फर्जी राशन कार्ड और बिचौलियों की भूमिका कम होगी तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंचाने का प्रयास
सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी जरूरतमंद को अनाज मिलने में देरी या कमी न हो। नई प्रणाली से वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और लाभार्थियों को नियमित रूप से उनका हिस्सा मिलेगा। यह बदलाव खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। विभिन्न राज्यों में नियमों के लागू होने की प्रक्रिया और तिथियां अलग हो सकती हैं। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें।



