भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई परिवार लकड़ी और उपलों से खाना बनाने को मजबूर हैं। धुएं से भरी रसोई में महिलाओं और बच्चों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन कठिनाइयों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की, जो वर्ष 2026 तक लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुकी है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन, पहला सिलेंडर और चूल्हा दिया जाता है, साथ ही हर रिफिल पर सब्सिडी भी सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
यह योजना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा वर्ष 2016 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पारंपरिक चूल्हों के धुएं से मुक्ति दिलाना और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था। बाद में उज्ज्वला 2.0 के माध्यम से इसका दायरा बढ़ाया गया, जिससे प्रवासी मजदूर और अन्य वंचित वर्ग भी इसमें शामिल हो सके। अब आवेदन प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और डिजिटल हो चुकी है।
योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शी सब्सिडी व्यवस्था है। सिलेंडर रिफिल कराने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचती है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और लाभार्थी को पूरी राशि समय पर मिलती है। बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है ताकि भुगतान प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
इस योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनके पास पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं है और जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थी, वनवासी समुदाय और अन्य पात्र परिवार प्राथमिकता सूची में शामिल हैं। आवेदन नजदीकी गैस एजेंसी, जन सेवा केंद्र या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक विवरण और राशन कार्ड शामिल हैं।
उज्ज्वला योजना का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं है। इससे महिलाओं का समय बचता है, स्वास्थ्य में सुधार होता है और बच्चों को साफ वातावरण मिलता है। साथ ही लकड़ी के उपयोग में कमी से पर्यावरण को भी लाभ मिलता है। यह योजना सामाजिक, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सब्सिडी की राशि, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती हैं। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से ही पुष्टि करें।








